PCOS / PCOD

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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) तब होता है जब किसी महिला में बहुत ज़्यादा एंड्रोजन का उत्पादन होता है, जिसे "पुरुष हार्मोन" भी कहा जाता है। PCOS के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में ज़्यादा जानकारी पाएँ ।

PCOS क्या है?

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या PCOS एक आम मेडिकल कंडीशन है जो वयस्क महिलाओं में हार्मोनल डिसऑर्डर का कारण बनती है। यह ओवरी की सामान्य फंक्शनिंग पर असर करता है, जिससे असामान्य रूप से ज़्यादा मात्रा में एण्ड्रोजन - मेल (पुरुष) हार्मोन का उत्पादन होता है।

अब, एक नियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल में, ओवरी एक परिपक्व ऐग को गर्भाशय की परत में छोड़ती हैं, और अगर ऐग फर्टिलाइज़ नहीं होता है, तो आपका पीरियड आता है। लेकिन PCOS के कारण ओवरी बड़ी हो जाती हैं, जिसमें फ्लूइड से भरे सैक (या फॉलिकल) भरे होते हैं जिसमें अपरिपक्व ऐग होता है जो रिलीज़ होने के लिए पर्याप्त परिपक्व नहीं होता है, जिससे ओव्यूलेशन नहीं होता है, और नियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल गड़बड़ा जाती है।

जहाँ PCOS का इलाज नहीं हो सकता है, PCOS के लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है और कई बार इसके इलाज में दवाओं का इस्तेमाल भी नहीं होता है। आइए PCOS के लक्षण, प्रभाव और इलाज को गहराई से समझते हैं।

PCOS के क्या लक्षण होते हैं?

PCOS के लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। अगर आपको PCOS है, तो आपको नीचे दिए गए लक्षण आगे चलकर अपनी किशोरावस्था के अंत तक और बीस साल के होने के एक या दो साल में दिखाई दे सकते हैं:

  • अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल या पीरियड न आना - हार्मोनल असंतुलन और उसके कारण ओव्यूलेशन न होने से गर्भाशय की परत समय पर नहीं निकल पाती है।
  • सामान्य से ज़्यादा ब्लीडिंग - जब पीरियड आता है, तो वे सामान्य से ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
  • असामान्य हेयर ग्रोथ - PCOS से जूझ रही ज़्यादातर महिलाओं को चेहरे और शरीर पर असामान्य हेयर ग्रोथ होती है।
  • मुँहासे – एण्ड्रोजन के ज़्यादा उत्पादन से त्वचा सामान्य की तुलना में ज़्यादा तैलीय हो सकती है और मुँहासे बार-बार हो सकते हैं।
  • वजन बढ़ना - PCOS से जूझ रही ज़्यादातर महिलाओं का वजन आमतौर पर बढ़ जाता है और इसे कम करना बहुत मुश्किल होता है।
  • बहुत ज़्यादा बाल झड़ना - PCOS के कारण बाल बहुत पतले हो जाते हैं।
  • हाइपरपिग्मेंटेशन - इससे गर्दन, स्तनों के नीचे और कमर के आसपास की त्वचा का रंग काला पड़ सकता है।

PCOS के क्या प्रभाव होते हैं?

PCOS से जुड़ा पुराना हार्मोनल असंतुलन आपके पूरे स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकता है।

  • इनफर्टिलिटी - प्रेग्नेंसी तभी हो सकती है जब आप ओव्यूलेट करें। चूँकि PCOS ओव्यूलेशन पर असर करता है, इससे इनफर्टिलिटी हो सकती है। बल्कि, PCOS की समस्या महिलाओं में इनफर्टिलिटी का एक मुख्य कारण है।
  • मोटापा - PCOS के कारण अनियमित वजन बढ़ने से मोटापा हो सकता है। मोटापा, जिसके कारण मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और हाइपरटेंशन जैसे मेटाबॉलिक विकारों का जोखिम बढ़ जाता है।
  • स्लीप एपनिया - स्लीप एपनिया में, रात भर सांस लेने में कुछ समय की रुकावट से नींद पूरी नहीं हो पाती है। PCOS के साथ-साथ मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में यह ज़्यादा आम है।
  • मानसिक स्वास्थ्य - PCOS आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर कर सकता है जिससे अवसाद और चिंता हो सकती है।
  • एंडोमेट्रियल कैंसर - जब गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) नियमित तौर पर नहीं निकलती है, तो इसके बनते रहने से एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

PCOS को डायग्नोज़ कैसे किया जाता है?

PCOS को डायग्नोज़ करने के लिए, आपके डॉक्टर आपसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े सवाल गहराई से प्रश्न पूछ सकते हैं और नीचे दिए गए टेस्ट लिख सकते हैं:

  • शारीरिक जाँच - डॉक्टर शारीरिक लक्षण जैसे चेहरे पर बाल, त्वचा का रंग, मुंहासे आदि की जाँच कर सकते हैं। डॉक्टर आपके रक्तचाप की जाँच करने और आपके BMI (बॉडी मास इंडेक्स) को भी माप सकते हैं।
  • पैल्विक जाँच - यह डॉक्टर को आपके प्रजनन अंगों में अगर कोई परेशानी हो, जैसे सूजन, पॉलीसिस्टिक ओवरी या आपके गर्भाशय में कोई ग्रोथ, की जाँच करने में मदद करेगी।
  • अल्ट्रासाउंड - अल्ट्रासाउंड जाँच डॉक्टर को आपकी ओवरी में अल्सर की जाँच करने में मदद करती है।
  • ब्लड टेस्ट - डॉक्टर आपके ब्लड में एण्ड्रोजन के स्तर की जाँच के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह भी दे सकते हैं। यह उन्हें दूसरे हार्मोनल विकारों जैसे कि थायरॉइड की जाँच करने में मदद करेगा जिसे अक्सर PCOS मान लिया जाता है।

PCOS, PCOD से कैसे अलग है?

PCOS और PCOD को अक्सर एक दूसरे के जगह पर इस्तेमाल कर लिया जाता है लेकिन असल में, दोनों के लक्षणों में थोड़ा अंतर होता है जो दोनों को अलग करता है।

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीस (PCOD) में, ओवरी कई अपरिपक्व ऐग रिलीज़ करती हैं जो बाद में सिस्ट में बदल जाते हैं। ओवरी बड़ी हो जाती है और सामान्य से ज़्यादा एण्ड्रोजन का स्राव करती है जिससे अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, इनफर्टिलिटी और बालों का झड़ना जैसी लक्षण सामने आते हैं।

PCOS, PCOD से ज़्यादा गंभीर है। यह एक मेटाबॉलिज़्म से जुड़ा विकार है जिसमें ओवरी ज़्यादा एण्ड्रोजन भी उत्पन्न करती हैं, लेकिन एण्ड्रोजन के इस ज़्यादा उत्पादन से फॉलिक्युलर सिस्टबनती हैं जो ओव्यूलेशन में रुकावट डालता है।

PCOS के लक्षण जल्दी दिखाई देने लगते हैं जबकि PCOD के लक्षण कम गंभीर होते हैं और PCOD से जूझ रही ज़्यादातर महिलाएँ बिना किसी डॉयग्नोसिस के अपना पूरा जीवन बिता देती हैं। इसका इलाज भी आसान है।

PCOS के लिए क्या इलाज हैं?

हालाँकि PCOS एक गंभीर मुद्दा हो सकता है, यह पूरी तरह से मैनेज किया जा सकता है और PCOS के इलाज में जीवनशैली में बहुत बदलाव करने पड़ते है। आहार में अतिरिक्त चीनी और जंक फूड नहीं खाना और इसके बदले स्वस्थ, कम कार्बोहाइड्रेट वाले पौष्टिक भोजन लेने से वजन कम हो सकता है। यह मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियमित करने और PCOS के कारण और लक्षण कम करने में मदद करता है।

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कम से कम 30 मिनट का मध्यम से ज़्यादा तीव्र व्यायाम के साथ-साथ हेल्दी डाइट लेने से PCOS में काफी मदद मिली है। मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियमित करने के साथ-साथ ये जीवनशैली में बदलाव मधुमेह होने के जोखिम को भी कम करते हैं। लंबे समय में, यह जीवनशैली से जुड़े दूसरे विकारों जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन और हृदय रोगों को रोकने में भी मदद करता है।

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PCOS के इलाज में डॉक्टर कैसे मदद कर सकते हैं?

ऊपर बताए गए जीवनशैली में किए जाने वाले बदलाव के अलावा, गंभीर मामलों में, डॉक्टर दवा भी लिख सकते हैं। ये दवाएँ मेंस्ट्रुअल साइकिल नियमित करने और PCOS के दूसरे लक्षण जैसे मुँहासे और चेहरे पर बाल का इलाज करने में मदद करती हैं। दुर्लभ मामलों में, जब कोई भी इलाज काम नहीं करता है, तो डॉक्टर सर्जिकल तरीकों के इस्तेमाल की सलह दे सकते हैं।

अगर आप PCOS का कोई भी लक्षण है, तो इसके बारे में अपने माता-पिता से बात करना और सही इलाज करवाना ज़रूरी है। भले ही PCOS एक गंभीर स्थिति है, लेकिन लगातार कोशिश करने और दवाइयों की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है।

कुछ ख़ास बातें

हालाँकि यह एक गंभीर स्थिति है, लेकिन शुरुआती स्टेज में डायग्नोज़ हो जाने पर पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण पूरी तरह से मैनेज किए जा सकते हैं- अक्सर सिर्फ बेहतर जीवनशैली अपनाकर। अगर आपको लगता है कि आपके अंदर भी PCOS का कोई लक्षण है, तो डरने या घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। किसी ऐसे व्यक्ति से बात करें जिस पर आप भरोसा करते हैं - अपने माता-पिता, अपनी बड़ी बहन, यहाँ तक कि आप अपने स्कूल के काउंसलर से भी बात कर सकती हैं, और ज़रूरत पड़ने पर दवाइयों की मदद ले सकती हैं।

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