Skip to main content
Language
Stayfree® India Logo
  1. होम
  2. Articles
  3. पीरियड में होने वाला दर्द: कारण और ऐंठन से कैसे राहत पाएँ
Period issues
पीरियड्स दौरान

पीरियड में होने वाला दर्द: कारण और ऐंठन से कैसे राहत पाएँ

पीरियड्स में गर्भाशय अपनी परत निकालने के लिए सिकुड़ता है, जिसके कारण दर्द होता है। पेट की ऐंठन से रहत पाने के लिए यहाँ कुछ उपयोगी टिप्स दिए गए हैं

  • पीरियड में होने वाला दर्द किस वजह से होता है?
  • पीरियड्स में होने वाले दर्द को कैसे कम करें? पीरियड्स में होने वाले दर्द के इलाज के लिए कुछ असरदार घरेलू उपचार क्या हैं?
  • आपको मेडिकल हेल्प कब लेनी चाहिए?
  • ख़ास बातें:

अगर आप मेंस्टुअल साइकिल में होने वाले दर्द से पीड़ित हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। ज़्यादातर महिलाओं को अपने जीवन में पीरियड्स में कभी न कभी अलग-अलग तरह के दर्द या डिस्मेनोर्हिया (क्रैम्प) का अनुभव होता है। ज़्यादातर महिलाएँ मेंस्टुअल साइकिल में होने वाले दर्द से पीड़ित होती हैं, यानि बेचैनी और पेट में हल्का दर्द होना खासकर पीरियड शुरू होने वाले दिन। हालाँकि, सिर्फ कुछ प्रतिशत महिलाएँ ही मेंस्टुअल क्रैम्प से इतनी परेशान होती हैं कि वे अपने रोज़ाना के काम भी ठीक से न कर पाएँ।

पीरियड में होने वाला दर्द किस वजह से होता है?

पीरियड्स में दर्द कई कारणों से होता है। कारणों के आधार पर, इसे मोटे तौर पर नीचे दिए गए प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:

  • प्राइमरी डिस्मेनोर्हिया:
    प्राइमरी डिस्मेनोर्हिया आमतौर पर किशोर लड़कियों द्वारा अनुभव किया जाता है जिनका पीरियड हाल ही में आया है। पीरियड के दौरान, आपका शरीर हार्मोन का उत्पादन करता है जिससे गर्भाशय में संकुचन होता है जिससे गर्भाशय की परत को बाहर निकलने में मदद मिलती है। यही संकुचन आपको मेंस्ट्रुअल क्रैम्प के तौर पर महसूस होते हैं। सामान्य पेट दर्द के अलावा, इसमें कई बार पैर दर्द और पीठ दर्द भी हो सकता है। अच्छी खबर यह है कि यह उम्र के साथ कम हो जाता है और आमतौर पर पीरियड की शुरुआत के एक या दो दिन तक ही रहता है।

Content is restricted by privacy settings. Please review your cookie settings to enable access.

  • सेकेंडरी डिस्मेनोर्हिया:
    सेकेंडरी डिस्मेनोर्हिया ज़्यादा आम नहीं है और आमतौर पर एक अंतर्निहित विकार या संक्रमण के कारण होता है। दर्द सिर्फ पीरियड की शुरुआत तक ही सीमित नहीं रहता है और पूरी साइकिल के दौरान रह सकता है। इसमें ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है और पीरियड ज़्यादा दिनों तक चल सकता है। अगर आपके पीरियड्स आमतौर पर दर्द रहित या कम दर्दभरे होते हैं और आपको अचानक से पीरियड्स में दर्द होने लगता है, तो आपको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) से सलाह लेनी चाहिए।

पीरियड्स में होने वाले दर्द को कैसे कम करें? पीरियड्स में होने वाले दर्द के इलाज के लिए कुछ असरदार घरेलू उपचार क्या हैं?

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे पीरियड्स में होने वाले दर्द से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है और इन्हें घर पर आसानी से किया जा सकता है जैसे:

  • आराम करें। आरामदायक स्थिति में एक झपकी लें या बाथटब में एसेंशियल ऑयल डालकर आराम से लेटने से दर्द में आराम मिल सकता है।

  • गर्मी से दर्द में आराम मिल सकता है। आप या तो एक गर्म पेन रिलीफ पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं या सही तापमान पर एक गर्म पानी के बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • अपने पेट और पीठ के निचले हिस्से की हल्की मालिश करने से भी दर्द कम हो सकता है।

  • कुछ हल्के व्यायाम करने की करें जो पेल्विक (श्रोणि) क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बेहतर करने में मदद करें।

  • मार्गदर्शन में मेडिटेशन करना और गहरी सांस लेने जैसी रिलैक्सेशन टेक्निक आज़मा कर देखें।

  • अगर आपको समय नहीं मिलता है और आप आराम नहीं कर सकते हैं, तो दर्द की दवा का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • पीरियड्स के dos and don’ts आपके पीरियड्स को और ज़्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

लेकिन जब एक्सपर्ट्स से पूछा गया कि लंबे समय तक मेंस्ट्रुएशन के दर्द को कैसे कम किया जाए, तो उनका जवाब था जीवनशैली में कुछ बदलावों को अपनाकर जैसे:

  • कैफीन के सेवन को कम करना।

  • धूम्रपान और शराब कम करना।

  • हफ्ते में पाँच दिन हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने से कम दर्दभरे पीरियड सहित कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह आपको अपना वजन सही बनाए रखने में मदद करता है जिससे अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल की संभावना कम होती है।

  • खाने में ऐसी चीज़ें शामिल करना जो फाइबर और प्रोटीन से भरपूर हों। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, मेवे, ढेर सारे फल और सलाद शामिल करें।

  • ऐसे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन से बचें जिनमें चीनी की मात्रा ज़्यादा हो। जितना हो सके डिब्बाबंद फलों के जूस और मीठे सोडा वाले ड्रिंक के बदले ताजे फलों का जूस लें।

  • खाने में नमक की मात्रा कम कर दें। ज़्यादा नमक से बहुत ज़्यादा वॉटर रिटेंशन हो सकता है जो PMS का एक सामान्य लक्षण है।

  • अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से परामर्श करें और विटामिन सप्लिमेंट लेना शुरू करें।

आपको मेडिकल हेल्प कब लेनी चाहिए?

जहाँ पीरियड में होने वाला दर्द आमतौर पर पेट में हल्के दर्द से लेकर दर्दभरे क्रैम्प तक होता है, आपकी दर्द को सहने की क्षमता से ही काफी हद तक यह तय किया जा सकता है कि आप पीरियड में होने वाला दर्द को कैसे अनुभव करते हैं। तो फिर, आप कैसे निर्धारित करते हैं कि आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए या नहीं? नीचे दिए गए संकेतों से सावधान रहें:

  • जब कोई घरेलू उपाय कारगर न हो।

  • दर्द की दवा से कोई आराम न मिले।

  • अगर दो से तीन महीनों तक लगातार आपको पीरियड के दौरान ज़्यादा ब्लीडिंग होती है और क्रैम्प भी बढ़ते हैं।

  • जब आप पीरियड्स में नहीं होते हैं तब भी आपको क्रैम्प का अनुभव होता है।

  • पीरियड्स में दर्द आपके शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे कमर, जांघों, घुटनों और पीठ के निचले हिस्से में होने लगता है।

  • आपको क्रैम्प के साथ बुखार भी रहता है।

  • अपने वयस्क जीवन में अगर आप पहली बार इतने ज़्यादा मेंस्ट्रुअल क्रैम्प का अनुभव कर रही हैं।

आपके पीरियड्स में दर्द के मूल कारण को समझने के लिए और यह जानने के लिए कि पीरियड्स के दर्द को कैसे दूर किया जाए, आपके डॉक्टर आपसे आपकी मेडिकल और मेंस्ट्रुअल हिस्ट्री के बारे में प्रश्न पूछेंगे। फिर वे आपसे आपके लक्षण और शरीर के हिस्से जहाँ दर्द रहता है, उनके बारे में पूछ सकते हैं और यहाँ तक कि किसी भी असामान्यता या संक्रमण की संभावना को जाँचने के लिए एक पैल्विक एग्जाम भी कर सकते हैं।

ख़ास बातें:

पीरियड्स के दौरान हल्की बेचैनी पूरी तरह से सामान्य है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। हालाँकि, अगर स्थिति ऐसी हो जाए कि आपकी रोज़मर्रा के कामों में भी परेशानी होने लगे, तो इसके कारणों को समझने और उनका इलाज करने के लिए अपने गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाएँ।

पीरियड में होने वाली ऐंठन | पीरियड में होने वाला दर्द | पीरियड में होने वाले दर्द से राहत

संबंधित प्रॉडक्ट

स्टेफ्री® सिक्योर नाइट्स

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर नाइट्स

100% लीकेज प्रोटेक्शन के साथ चिंता मुक्त नींद पाएँ
स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी XL

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी XL

बेस्ट एवर* स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी कवर के साथ
Stayfree® Dry-Max® All Night

सैनिटरी नैपकिन

Stayfree® Dry-Max All Night

रात भर पूरा लीकेज प्रोटेक्शन*
स्टेफ्री® सिक्योर® ड्राय XL

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर® ड्राय XL

बेस्ट एवर* स्टेफ्री® सिक्योर ड्राय कवर के साथ
Stayfree® Advanced All Night

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® एडवांस्ड ऑल नाइट

रात भर पूरा लीकेज प्रोटेक्शन
स्टेफ्री® सिक्योर नाइट्स

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर नाइट्स

100% लीकेज प्रोटेक्शन के साथ चिंता मुक्त नींद पाएँ
स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी XL

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी XL

बेस्ट एवर* स्टेफ्री® सिक्योर कॉटनी कवर के साथ
Stayfree® Dry-Max® All Night

सैनिटरी नैपकिन

Stayfree® Dry-Max All Night

रात भर पूरा लीकेज प्रोटेक्शन*
स्टेफ्री® सिक्योर® ड्राय XL

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® सिक्योर® ड्राय XL

बेस्ट एवर* स्टेफ्री® सिक्योर ड्राय कवर के साथ
Stayfree® Advanced All Night

सैनिटरी नैपकिन

स्टेफ्री® एडवांस्ड ऑल नाइट

रात भर पूरा लीकेज प्रोटेक्शन
Period Cramps
Period Pain
Period Pain Relief
पीरियड्स दौरान
spotting preventive care
पीरियड्स दौरानपीरियड क्या होता है?
पीरियड आना एक प्राकृतिक और स्वस्थ प्रोसेस है, इसमें महिलाओं के गर्भाशय की परत निकलती है। जानें कि आमतौर पर पीरियड कितने समय तक चलता है और इसे कैसे मैनेज करें।
और पढ़ें
Checklist for Women's hygiene routine
पीरियड्स दौरानमेंस्ट्रुअल साइकिल (मासिक धर्म) की स्टेज और बहुत कुछ
मेंस्ट्रुअल साइकिल में चार फेज़ होते हैं और 24 से 38 दिनों के बीच खत्म होते हैं। आइए जानें कि हर फेज़ शरीर पर किस तरह असर करता है
और पढ़ें
img_0459_1_1-hi-in
प्यूबर्टीबेटी के साथ पीरियड के बारे में बातचीत करना
अपनी बेटी से बात करें कि पीरियड आना सामान्य है और स्वस्थ होने की निशानी है। अपनी बेटी से मेंस्ट्रुएशन साइकिल के बारे में बात करने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं ताकि पीरियड को लेकर समाज में जो गलत धारणाएँ हैं, उन्हें बदला जा सके।
और पढ़ें
Stayfree® India White Logo
प्रॉडक्ट
  • सभी प्रॉडक्ट
  • कॉटनी कम्फर्ट नैपकिन
  • ड्राय फील नैपकिन
Company
  • हमसे संपर्क करें
Learn
  • पीरियड ब्लॉग
  • #ItsJustAPeriod
  • सस्टेनेबिलिटी
कानूनी
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  • गोपनीयता सूचना
  • केनव्यू इंडिया सहमति वापसी
  • कानूनी नोटिस

© JNTL Consumer Health (India) Private Limited 2023-25.

यह साइट JNTL Consumer Health (India) Private Limited द्वारा पब्लिश की गई है जो इसके कंटेंट के लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार है। यह भारत के विज़िटर के उद्देश्य से बनाई गई है। इस साइट में उन वेबसाइट के लिंक हो सकते हैं जिन पर हमारी गोपनीयता सूचना लागू नहीं होती है। हम आपको आपके द्वारा देखी जाने वाली हर वेबसाइट की इस्तेमाल करने की शर्तें और गोपनीयता सूचना पढ़ने की सलाह देते हैं। *साइट का पिछला अपडेट: फ़रवरी २१, २०२५

खंडन: स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह सिर्फ एक सामान्य शैक्षणिक सहायता के तौर पर दी गई है। इसका उद्देश्य मेडिकल या स्वास्थ्य देखभाल की सलाह के तौर पर या किसी व्यक्तिगत परेशानी के लिए मेडिकल निदान या उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाना नहीं है। इसका उद्देश्य आपके सबसे अलग तथ्यों से परिचित क्वालिफाइड स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से पेशेवर सलाह और सर्विस के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाना भी नहीं है। किसी भी मेडिकल कंडीशन के बारे में और कोई भी नया उपचार शुरू करने से पहले हमेशा अपने चिकित्सक या किसी और क्वालिफाइड स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह लें।